स्वास्थ्य

सावधान! अगर आपको हैं ये पांच लक्षण तो न करें अनदेखा, हो सकता है ओमिक्रोन, जानें क्या कहते हैं एक्सपर्ट

भारत समेत दुनिया के कई देश कोरोना वायरस के नए वैरिएंट ओमिक्रोन की चपेट में हैं. कोरोना के इस वैरिएंट का पहला मामला दक्षिण अफ्रीका में सामने आया था, जो अब कई देशों में पैर पसार चुका है. हालांकि ओमिक्रोन कोरोना के डेल्टा वैरिएंट के मुकाबले कम घातक है, लेकिन भारत के कई हेल्थ एक्सपर्ट ने लोगों को चेताया है और कहा है कि इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए. विशेषज्ञों के अनुसार, ओमिक्रोन वैरिएंट बहुत ज्यादा खतरनाक नहीं है. हालांकि, लोगों को एहतियाती उपाय करना बंद नहीं करना चाहिए और कोविड -19 प्रोटोकॉल का पालन करते रहना चाहिए.

गुरुग्राम के नारायण सुपरस्पेशलिटी अस्पताल के सीनियर कंसल्टेंट तुषार तायल ने कहा कि यह बताना जल्दबाजी होगी कि जिन लोगों ने टीका नहीं लगवाया है उनके लिए ये बीमारी कम गंभीर होगी. हम निश्चित रूप से टीकाकरण वाले लोगों में लक्षणों की गंभीरता कम देख रहे हैं, इसलिए टीका लगवाना बेहद जरूरी है. उन्होंने आगे कहा कि अधिकांश लोग हल्के लक्षणों का सामना कर रहे हैं. कुछ ऐसे भी हैं जिन्हें कोई लक्षण नहीं हैं. लेकिन हम अभी भी ओमिक्रोन के दीर्घकालिक दुष्प्रभावों को नहीं जानते हैं, इसलिए मैं सभी से सावधानी बरतने और ओमिक्रॉन को हल्के में न लेने का आग्रह करूंगा.

देश में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ कम्युनिकेबल डिजीज (एनआईसीडी) के नेतृत्व में दक्षिण अफ्रीकी अध्ययन से पता चलता है कि जिन लोगों ने टीका नहीं लगवाया था और कोरोना के ओमिक्रोन वैरिएंट से संक्रमित हुए थे, वे भी गंभीर रूप से बीमार नहीं हुए थे. यह अध्ययन ऐसे समय में आया है जब ओमिक्रोन भारत सहित दुनिया भर में तेजी से फैल रहा है. तुषार तायल ने कहा कि ​​यह वैरिएंट भारत में तीसरी लहर की ओर ले जाएगा या नहीं, मैं कहूंगा कि पिछले दो हफ्तों में मामलों की वृद्धि के साथ, हम इसे अब देख रहे हैं. लेकिन दूसरी लहर की तुलना में इस बार कम लोग अस्पताल में भर्ती हो रहे हैं.

धर्मशिला नारायण सुपरस्पेशलिटी अस्पताल, नई दिल्ली के कंसल्टेंट नवनीत सूद ने कहा कि अगर हम पर्याप्त सावधानी नहीं बरतते हैं तो हम निश्चित रूप से तीसरी लहर को आमंत्रित करेंगे. उन्होंने कहा कि दक्षिण अफ्रीका में ओमिक्रोन का पहला मामला सामने आया था. वहां पर कम ही लोग अस्पताल में भर्ती हुए थे और मृत्यु दर भी कम थी लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि लोग लापरवाह हो जाएं. मास्क अनिवार्य है. सभी को कोविड-19 प्रोटोकॉल का गंभीरता से पालन करना चाहिए.

अब बात करते हैं हम ओमिक्रोन के लक्षण की. अगर सिरदर्द, नाक बहना, थकान, छींक आना जैसी समस्या से आप जूझ रहे हैं तो इसे हल्के में न लें. ये ओमिक्रोन के लक्षण हो सकते हैं. विश्व स्वास्थ्य संगठन भी चेता चुका है कि ओमिक्रोन को हल्के में न लें. यूएस सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन एनालिसिस के मुताबिक, ओमिक्रोन के चार सबसे आम लक्षण खांसी, थकान, कंजेशन और नाक बहना हैं. यूके स्थित Zoe कोविड ऐप के एक हालिया अध्ययन ने इस श्रेणी में उल्टी आना और भूख न लगना भी जोड़ा है.

इनके अलावा एम्स (अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान) ने ओमिक्रोन के पांच लक्षण साझा किए हैं.

– सांस लेने में दिक्कत
– ऑक्सीजन लेवल में गिरावट
– सीने में लगातार दर्द/दबाव
– मानसिक भ्रम
– ये लक्षण 3-4 दिनों से अधिक समय तक बने रहना या और बिगड़ना

ये भी हैं ओमिक्रोन के लक्षण

– लगातार खांसी, कर्कश आवाज, ठंड लगना या कंपकंपी, बुखार, चक्कर आना, ब्रेन फॉग, सुगंध बदल जाना, आंखों में दर्द, मांसपेशियों में तेज दर्द,सुगंध महसूस ना होना, हाथों और पैरों की उंगलियों में सूजन, कमजोरी, स्किन रैशेज.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Close