स्वास्थ्य

Delta Plus Variant भारत में दे रहा दस्तक, कितना है घातक, क्या हैं लक्षण कैसे बचें इससे?

नई दिल्ली. कोरोना की दूसरी लहर के कहर बरपाने के बाद कोरोना के नए वैरिएंट डेल्टा प्लस ने दस्तक दे दी है, सरकार ने कहा है कि भारत में अब तक कोरोना वायरस के ‘डेल्टा प्लस वैरिएंट’ के 22 मामलों का पता चला है। डेल्टा प्लस वैरिएंट के इन केसों में महाराष्ट्र के रत्नागिरि, जलगांव से 16 और मध्य प्रदेश तथा केरल से शेष मामले सामने आए हैं। स्वास्थ्य महकमे ने  इसे वेरिएंट ऑफ कंसर्न बताया है।

सरकार ने बताया है कि INSACOG के ताजा निष्कर्षों के आधार पर  महाराष्ट्र, केरल और मध्य प्रदेश को डेल्टा प्लस वेरिएंट के बारे में सतर्क किया है और उन्हें सलाह दी है।

क्या है कोरोना डेल्टा प्लस वैरिएंट

डेल्टा वैरिएंट यानी B.1.617.2 जो सबसे पहले भारत में मिला, फिर धीरे-धीरे दूसरे देशों में भी पाया गया। इसके रूप में बदलावों के कारण डेल्टा प्लस वैरिएंट बना है। यह सबसे पहले यूरोप में मिला था। स्पाइक प्रोटीन कोरोना वायरस का अहम हिस्सा है। इसकी मदद से ही वायरस मानव शरीर में घुसकर संक्रमण फैलाता है।

सुपर-स्प्रेडर है डेल्टा प्लस वैरिएंट

अभी तक जितने भी वैरिएंट आए हैं, डेल्टा उनमें सबसे तेज़ी से फैल रहा है। हालांकि, अल्फा वैरिएंट भी काफी संक्रामक है, लेकिन डेल्टा इससे 60 प्रतिशत ज़्यादा संक्रामक है। डेल्टा से मिलते-जुलते कप्पा वैरिएंट भी वैक्सीन को चकमा देने में कामयाब देखा गया है, लेकिन फिर भी यह बहुत अधिक नहीं फैला, जबकि डेल्टा वेरिएंट सुपर-स्प्रेडर साबित हो रहा है।

डेल्टा प्लस वैरिएंट के लक्षण

कोरोना वायरस के रूप बदलने के बाद लक्षणों में भी कुछ बदलाव देखे गए हैं। इसलिए इनके बारे में जानना ज़रूरी है।

– डेल्टा प्लस वैरिएंट के सामान्य लक्षणों में- सूखी खांसी, बुखार और थकान शामिल हैं।

– वहीं इसके गंभीर लक्षणों की बात करें, तो इसमें सीने में दर्द, सांस फूलना या सांस लेने में तकलीफ और बात करने में तकलीफ हो सकती है।

– इसके अलावा WHO के स्वास्थ्य अधिकारियों ने कुछ सामान्य लक्षण बताए हैं, जिनमें त्वचा पर चकत्ते, पैर की उंगलियों के रंग में बदलाव होना, गले में खराश, स्वाद और गंध की हानि, दस्त और सिरदर्द शामिल है।

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