उत्तराखंड

स्व. इंदिरा हृदयेश के सहारे सुमित की सियासी नैया पार कराने की जुगत, होर्डिंग्स से पटा शहर

हल्द्वानी : हल्द्वानी में कांग्रेस की पहचान डा. इंदिरा हृदयेश से थीं। इसलिए चुनावी संग्राम में पार्टी को अभी भी उनका ही सहारा है। संगठन को पता है कि इंदिरा की वजह से पैदा हुई सहानुभूति की लहर ही विपक्ष की दूसरी लहरों का सामना कर सकती है। इसलिए शहर के हर मुख्य प्वाइंट पर डा. इंदिरा हृदयेश के होर्डिंग और बैनर नजर आ रहे हैं। दो माह पहले शुरू हुई इंदिरा विकास संकल्प यात्रा और अब पोस्टरों के जरिये सुमित हृदयेश ने अपनी दावेदारी को और मजबूत किया है। चर्चा भले पक्ष और विपक्ष दोनों में है। लेकिन इतना तय है कि पहले यात्रा और अब पोस्टरों ने अन्य दावेदारों को टेंशन में डाल दिया है। क्योंकि हल्द्वानी में इंदिरा के नाम को नकारना पार्टी के लिए फिलहाल असंभव सा है। इसलिए लिखा गया है ‘आपको न भूल पाएंगे’ और ‘मां के अधूरे सपने बेटा करेगा पूरे

डा. इंदिरा हृदयेश तीन बार हल्द्वानी से विधायक चुनी गई थीं। राजनीतिक अनुभव को देखते हुए दो बार कैबिनेट मंत्री और विपक्ष में आने पर नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई। जून 2021 में दिल्ली में उनका निधन हो गया था, मगर उपचुनाव का मामला टल गया। वहीं, 2018 के मेयर चुनाव में हल्द्वानी सीट से बढ़त बनाने वाले उनके बेटे सुमित हृदयेश अब विधानसभा चुनाव को लेकर दावेदारी ठोंक चुके हैं। दो माह से हर वार्ड में इंदिरा विकास संकल्प यात्रा के जरिेये कांग्रेस के पक्ष में माहौल बनाया जा रहा है।

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