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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हिंसा को बताया अफसोसजनक, कहा- 20 जनवरी को सत्ता सौंपने को तैयार

वॉशिंगटन: अमेरिकी संसद में हुयी हिंसा और प्रदर्शनों को लेकर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ‘बेहद कड़े शब्दों’ में निंदा की है. राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि सभी अमेरिकियों की तरह, मैं हिंसा, अराजकता और हाथापाई से नाराज हूं. उन्होंने कहा कि मैंने इमारत को सुरक्षित करने और घुसपैठियों को बाहर निकालने के लिए तुरंत नेशनल गार्ड और पुलिस फोर्स को तैनात किया. उन्होंने कहा कि अमेरिका हमेशा कानून व्यवस्था का देश होना चाहिए. ट्रंप ने यह सभी बातें एक वीडियो संदेश के जरिए कहीं.

ट्रंप ने नतीजों में अपनी हार स्वीकार करते हुए कहा कि अब कांग्रेस ने नतीजों को प्रमाणित कर दिया है. 20 जनवरी को एक नए प्रशासन का उद्घाटन किया जाएगा. मेरा ध्यान अब सत्ता के सुचारू, व्यवस्थित और निर्बाध परिवर्तन को सुनिश्चित करने के लिए है.

वहीं दूसरी ओर व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कायली मैकनी ने बयान जारी कर कल हुई हिंसा की निंदा की. कायली ने कहा कि मैं यहां पूरे व्हाइट हाउस की तरफ से एक संदेश देने आयी हूं. एक बात मैं साफ कर दूं, कल हमले कैपिटल हिल में जो हिंसा देखी वह बहुत डराने वाली थी. यह बहुत निंदनीय है और अमेरिकी तरीके के खिलाफ है. कायली ने कहा कि हम इसकी निंदा करते हैं. राष्ट्रपति ट्रंप और उनका प्रशासन इसकी बेहद कड़े शब्दों में निदा करते हैं.

राष्ट्रपति ट्रंप की ओर से बयान जारी करते हुए उन्होंने कहा, ”हमारे प्रशासन का मुख्य उद्देश्य है कि सभी नागरिक सुरक्षित रहें. इस बिल्डिंग में जो भी लोग काम कर रहे हैं वे सत्ता हस्तानांतरण पर काम कर रहे हैं. यह समय है जब पूरा अमेरिका एक साथ हो और कल जैसी हिंसा हमने देखी, उसे नकार दे. ईश्वर के लिए हम सभी अमेरिकी एक हैं.” बयान जारी करने के बाद कायली पत्रकारों के सवालों का जवाब दिए बिना ही वापस चली गईं.

बाइडन ने ट्रंप को जिम्मेदार ठहराया
अमेरिका के नव-निर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडन ने यूएस कैपिटल (अमेरिकी संसद भवन) पर धावा बोलने वाले दंगाइयों की बृहस्पतिवार को निंदा करते हुए उन्हें ‘‘घरेलू आतंकवादी’’ करार दिया. उन्होंने देश की राजधानी को हिला कर रख देने वाली हिंसा की इस घटना के लिए निवर्तमान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को जिम्मेदार ठहराया. बाइडन ने कहा कि बुधवार को ट्रंप समर्थकों द्वारा अमेरिकी संसद भवन की सुरक्षा का उल्लंघन करना ‘‘असहमति या प्रदर्शन नहीं था ,बल्कि यह उपद्रव था.’’

ट्रंप समर्थकों की हिंसा में चार लोग मारे गए
अमेरिका में लोकतंत्र पर एक अभूतपूर्व हमले के तहत निवर्तमान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हजारों समर्थकों ने यहां स्थित कैपिटल भवन (अमेरिकी संसद भवन) पर हमला किया और वे पुलिस से भिड़ गए. इस घटना में चार लोग मारे गए और राष्ट्रपति तथा उपराष्ट्रपति के रूप में क्रमश: जो बाइडन एवं कमला हैरिस के निर्वाचन को सत्यापित करने की प्रक्रिया बाधित हुई. कांग्रेस ने इस घटना के चलते हुए विलंब के बाद अंतत: बृहस्पतिवार को अपने संयुक्त सत्र में बाइडन तथा हैरिस के निर्वाचन की औपचारिक रूप से पुष्टि कर दी.

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