स्वतंत्र विचार

बिन्नी आरजे का नॉवल “भंवरजाल का मल्लहा” हुआ पब्लिश, जताई ख़ुशी

” भंवरजाल का मल्लहा” नॉवल के पब्लिश होने पर मेरी खुशी की इंतहा नहीं। बिन्नी आरजे मोहाली() झाड़खंड में पली बढ़ी बिन्नी आरजे जिन्हों ने बचपन से ही खुद को एक लेखिका के रूप में प्रस्तुति दी है। जिन की कहानियों ने हर किसी के दिल में अपनी जगह बनाई है। लेखिका बिन्नी आरजे आज के समय में पंजाब के शहर मोहाली में काफी अर्से से रह रही हैं। अपनी किताब ” भंवरजाल का मलहा” के विमोचन के समय उन्होंने ने बताया कि वो बचपन से ही लेखिका रही हैं। उन्होंने ने बहुत सी कहानियां लिखीं जिन को लोगों ने बहुत प्यार दिया। बिन्नी आरजे ने बताया कि भंवरजाल का मल्लहा उन की पहली किताब है एयर इस किताब को उन्हों ने रहस्मय शब्दों को एक लड़ी में पिरो यह किताब लिखी है ।उन्हों ने बताया कि भंवरजाल का मल्लहा पहला संस्करण है इस के बाद इसी नॉवल के बाकी अंक भी जल्दी लोगों को पढ़ने के लिए उपलब्ध होंगे।उन्हों ने कहा कि मेरे पति अनिल ने मेरी बहुत मदद की है और हमेशा मुझे मेरे शौक को पूरा करने के लिए प्रेरित किया है जिन की में बहुत शुक्रगुज़ार हूँ।भंवर जाल का मल्लहा नामक शीर्षक से पहला संस्करण लेकर आई बिन्नी आरजेजो कि एक रहस्यमई कहानी है जो हर व्यक्ति के जीवन में घटित घटनाओं पर आधारित एक दिल को छू लेने वाली किताब है और रहस्य से भरी आकर्षण का केंद्र बिंदु है । यह किताब यदि कोई व्यक्ति पढ़ना शुरू कर दे तो यह अपनी और आकर्षित करती है और खुद के साथ बांध कर रखती है और ऐसा महसूस होता है जैसे कि इस किताब की रहस्यमय नगरी में खो गया हो । बिन्नी आरजे ने बताया कि इस किताब को में ने 2 साल में लिखा है और यह किताब मोहाली के आर्केडिया इंटरनेशनल पब्लिकेशन्स हाउस से पब्लिश करवाया है।

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