उत्तराखंड

जानिए चुनाव के लिए किस आधार पर रणनीति अपना रही भाजपा और अब किस पर है पार्टी का फोकस

देहरादून। Uttarakhand Assembly Elections 2022 आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर भाजपा ने हर वर्ग, क्षेत्र के आधार पर संपर्क की रणनीति अपनाई है। इस कड़ी में अब सहकारिता पर खास ध्यान केंद्रित किया गया है। प्रदेशभर में सहकारी बैंकों, बहुद्देश्यीय प्रारंभिक कृषि ऋण सहकारी समितियों, डेरी व मत्स्य समितियों समेत अन्य सहकारी संस्थाओं में भाजपा का वर्चस्व है। विधानसभा चुनाव की दृष्टि से पार्टी ने इन सहकारी संघों व संस्थाओं के सदस्यों की सक्रिय सेवाएं लेने का निश्चय किया है। उनसे संपर्क करने का जिम्मा विधानसभा क्षेत्रों में तैनात प्रभारियों, विस्तारकों और प्रवासी कार्यकर्त्ताओं को दिया गया है। गत दिवस देहरादून आए भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने भी इस संबंध में कार्यकर्त्ताओं को निर्देश दिए।

प्रदेश में एक दौर में सहकारिता से जुड़ी संस्थाओं व समितियों में कांग्रेस का वर्चस्व हुआ करता था। वर्ष 2017 में प्रदेश में भाजपा के सत्तासीन होने पर उसने सहकारिता पर भी फोकस किया। परिणाम ये रहा कि सहकारिता के चुनावों में पार्टी ने जबर्दस्त प्रदर्शन किया और 95 प्रतिशत संस्थाओं व समितियों के बोर्ड पर कब्जा जमाया। वर्तमान में सहकारिता पर नजर दौड़ाए तो एक राज्य सहकारी बैंक, 10 जिला सहकारी बैंक, 670 बहुद्देश्यीय प्रारंभिक कृषि ऋण सहकारी समितियां प्रदेश में हैं। इसके अलावा उत्तराखंड सहकारी फेडरेशन, दुग्ध संघ, मत्स्य संघ, रेशम संघ हैं, जिनके अंतर्गत हजारों छोटी-बड़ी समितियां कार्यरत हैं। इन सभी सहकारी संस्थाओं से लगभग 30 लाख लोग जुड़े हुए हैं।

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