उत्तराखंड

उत्तराखंड: जेल में बंद अपराधियों के नेटवर्क को तोड़ना बड़ी चुनौती, पश्चिमी उप्र के बदमाश भी चला रहे हैं नेटवर्क

देहरादून। जेलों में बंद अपराधियों की ओर से जिस तरह रंगदारी, फिरौती व तस्करी की घटनाओं को नेटवर्क के जरिये अंजाम दिया जा रहा है, उससे जेल प्रशासन की चुनौतियां बढ़ गई हैं। उत्तराखंड की जेलों में बंद पश्चिमी उप्र के बदमाश जेल से ही अपना नेटवर्क चला रहे हैं। इनमें कुख्यात कलीम व पौड़ी जेल में बंद नरेंद्र वाल्मीकि का नाम सामने आ चुका है।

जेलों में बढ़ रही इस तरह की घटनाओं के लिए स्टाफ की मिलीभगत को नकारा नहीं जा सकता है। पिछले महीने उत्तराखंड पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने जेल में बंद बदमाश कलीम के रंगदारी मांगने का पर्दाफाश किया था। एक महीने बाद दूसरी बार अल्मोड़ा जेल में चरस व गांजा तस्करी करवाने का मामला सामने आया है।

इसी महीने एसटीएफ ने पौड़ी जेल में दबिश देकर अपराधियों के नेटवर्क को ध्वस्त किया। जेल में बैठे कुख्यात नरेंद्र वाल्मीकि ने चार व्यक्तियों की हत्या की सुपारी ली थी। इसमें एक महिला व उसके पति को मरवाने के लिए 10 लाख रुपये लिए थे। इस मामले में पुलिस ने नरेंद्र वाल्मीकि के तीन शूटर व हत्या की सुपारी देने वाले दो भाइयों को गिरफ्तार किया। जेल से चल रहे अपराधियों के नेटवर्क का यह चौथा मामला है।

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