उत्तराखंड

हल्द्वानी में करंट से सुवक की मौत पर सरकार सख्त, यूपीसीएल के एसडीओ और एई समेत पांच कर्मी निलंबित

देहरादून I प्रदेश सरकार ने हल्द्वानी में हाईटेंशन लाइन की चपेट में कंपाउंडर की मौत के मामले में कड़ा रुख दिखाते हुए यूपीसीएल के एसडीओ और सहायक अभियंता समेत पांच कर्मियों को निलंबित कर दिया है। वहीं, क्षेत्र के एसएसओ को सेवा से हटा दिया गया है, वह उपनल से भर्ती था।

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने इस मामले में सचिव ऊर्जा को कड़ी कार्रवाई करने को कहा था। इस पर सचिव ऊर्जा राधिका झा ने यूपीसीएल के एमडी को तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। मुख्य अभियंता (वि) रुद्रपुर क्षेत्र एमएल प्रसाद से जांच कराई गई।

उनकी रिपोर्ट के आधार पर सचिव ऊर्जा की सिफारिश के बाद प्रथम दृष्टया दोषी मानते हुए हल्द्वानी में तैनात एसडीओ विद्युत वितरण उपखंड (प्रथम), नीरज चंद्र पांडे, सहायक अभियंता (मापक) विद्युत परीक्षण शाला रोहिताषु पांडे, अवर अभियंता मो.शकेब, टीजी -1 लाइन चांद मोहम्मद और लाइनमैन नंदन सिंह भंडारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।

नीरज पांडे और रोहिताषु पांडे को मुख्य अभियंता (वितरण), उपाकालि हल्द्वानी क्षेत्र, व अन्य तीनों कार्मिकों को कार्यालय अधीक्षण अभियंता, विद्युत वितरण मंडल उपाकालि हल्द्वानी से संबद्ध (अटैच) किया गया है। जिससे अभिलेखों में छेड़छाड़ व जांच को प्रभावित न किया जा सके। वहीं, उपनल से भर्ती एसएसओ चंदन सिंह नागरकोटी को सेवा ही हटा दिया गया है।    

ये था मामला

टेडी पुलिया हाइडिल गेट बारीखत्ता निवासी कमल रावत (29) पुत्र एमएस रावत मंगल पड़ाव स्थित एक क्लीनिक में कंपाउंडर थे। गत शुक्रवार को कमल साइकिल से ड्यूटी पर जा रहे थे। सुबह करीब नौ बजे कमल जैसे ही वॉक मॉल के पास पहुंचे तभी वहां हाइटेंशन लाइन का तार टूटने से उसकी चपेट में आ गए और करंट से झुलसने के कारण उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

इस प्रकार के संवेदनशील मामलों में संबंधित अभियंताओं को अपने क्षेत्र की विद्युत लाइनों के परीक्षण का कार्य पूरी सतर्कता से करना चाहिए। अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि भविष्य में इस प्रकार की दुर्घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

– त्रिवेंद्र सिंह रावत, मुख्यमंत्री

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